टाटा प्राइवेट क्यों नहीं रह सकता?

“जब सार्वजनिक पैसा शामिल होता है, तो निगरानी अलग होती है।” — संजीव भीखचंदानी

हर मशहूर टाटा कंपनी का एक शेयर प्राइस है, सिर्फ एक को छोड़कर, वह होल्डिंग कंपनी जो पूरे समूह के केंद्र में बैठी है। एक सदी से भी ज़्यादा समय तक वह कंपनी शेयर बाज़ार से दूर रही, जब तक इस महीने एक रेगुलेटर के फैसले ने ऐसा करते रहना कहीं ज़्यादा मुश्किल नहीं बना दिया।
कॉर्पोरेट एक्शन्स
Author

सात्विक रामन

Published

September 20, 2026