भारत रॉकेट बना सकता है. क्या वह कारोबार बना सकता है?

“सबसे सस्ता होना प्रवेश टिकट हो सकता है, लेकिन वह फिनिश लाइन नहीं हो सकता.” — चिन्मय सक्सेना, बीनेक्स्ट

कक्षा में पहुँचना किसी रॉकेट स्टार्टअप के लिए वह पल माना जाता है जब वह साबित करता है कि उसके पास एक कारोबार है. चार अमेरिकी कंपनियों ने यह लक्ष्य हासिल किया और फिर भी दिवालिया हो गईं. स्काईरूट भी कक्षा तक पहुँच गया है. उसकी असली परीक्षा अब शुरू होती है, इतने ग्राहक ढूँढना जो उसे उड़ते रहने के लिए काफी हों
अर्थव्यवस्था और नीति
Author

सात्विक रामन

Published

August 23, 2026