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पैमाने की बात
भारतीय रेलवे 67,000 किलोमीटर से अधिक ट्रैक के साथ दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। यह दैनिक लगभग 13,000 यात्री ट्रेनें और 9,000 मालगाड़ियां चलाता है। हर दिन लगभग 2.3 करोड़ लोग इसका उपयोग करते हैं।
वंदे भारत: एक अलग तरह की ट्रेन
जब 2019 में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हुई, तो यह भारतीय यात्रियों की अपेक्षाओं से एक वास्तविक प्रस्थान की तरह महसूस हुई। तेज़, शांत, स्वच्छ — वंदे भारत मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत पूरी तरह भारत में डिज़ाइन और निर्मित पहली ट्रेन थी। 2026 की शुरुआत तक, भारत भर में 130 से अधिक वंदे भारत सेट चल रहे थे।
फ्रेट कॉरिडोर: लोगों के लिए नहीं, माल के लिए
समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (DFC) इसका समाधान है। दो बड़े माल-केवल गलियारे — लुधियाना से कोलकाता का पूर्वी DFC और दिल्ली से मुंबई का पश्चिमी DFC — काफी हद तक पूरे हो चुके हैं।
कवच: भारत ने बनाई सुरक्षा
कवच एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है जो भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई है। इसका उद्देश्य सिग्नल तोड़ने से होने वाली टकराव को रोकना है।
पैसे का सवाल
रेलवे बजट हाल के वर्षों में काफी बढ़ा है — बजट 2026 ने रेलवे को ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक आवंटित किए, जो भारत के इतिहास में सबसे बड़े आवंटनों में से एक है।