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शुरुआत: Flipkart के अंदर एक साइड बेट
2015 में, तीन Flipkart कर्मचारियों — Sameer Nigam, Rahul Chari, और Burzin Engineer — ने UPI-आधारित भुगतान ऐप बनाने का एक सरल विचार अपने बॉस को प्रस्तुत किया। ऐप 2016 में लॉन्च हुआ, ठीक उसी समय जब NPCI UPI को जनता के लिए रोल आउट कर रहा था। फिर नोटबंदी हुई।
Flipkart से अलगाव
2022 में, PhonePe एक स्वतंत्र कंपनी बन गई, जिसने अपना पंजीकृत कार्यालय सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित किया। इससे Sameer Nigam को पहली बार स्वतंत्र रूप से कंपनी चलाने का अवसर मिला।
सुपर ऐप का निर्माण
PhonePe की रणनीति अपने भुगतान नेतृत्व को वित्तीय सेवा मंच में बदलना रही है — बीमा, म्युचुअल फंड, छोटे ऋण। इसकी बीमा वितरण व्यवसाय भारत में सबसे बड़ी बन गई है।
संख्याएं उल्लेखनीय हैं
PhonePe एक महीने में एक अरब से अधिक लेनदेन प्रोसेस करता है। इसके लगभग 500 मिलियन पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। इसकी UPI बाजार हिस्सेदारी लगातार 45% से ऊपर बैठती है।
आगे क्या?
PhonePe से उम्मीद है कि वह अगले कुछ वर्षों में IPO लाएगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या PhonePe भारत से बाहर निकल सकती है — अंतरराष्ट्रीय विस्तार अगला सबसे कठिन मोर्चा है।