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बड़ी तस्वीर
हर साल 1 फरवरी को, वित्त मंत्री संसद में खड़ी होकर एक दस्तावेज पढ़ती हैं जो 140 करोड़ लोगों के जीवन को आकार देगा। केंद्रीय बजट वह जगह है जहां सरकार बताती है कि वह पैसा कैसे इकट्ठा करने, कैसे खर्च करने और किस प्रकार की अर्थव्यवस्था बनाने की योजना रखती है।
कर परिवर्तन
आयकर पर बड़े बदलाव के रूप में, बजट 2026 ने नई कर व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाने की हाल की प्रवृत्ति जारी रखी। सरकार ने नई व्यवस्था के तहत मूल छूट सीमा बढ़ाई, जिससे मध्यम वर्ग के करदाताओं को कुछ राहत मिली। विनिर्माण के लिए — विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा में — लक्षित प्रोत्साहन पेश किए गए।
पैसा कहां जा रहा है
पूंजी व्यय — सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और बुनियादी ढांचे पर खर्च — एक प्राथमिकता बनी रही। MGNREGA ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम को उच्च आवंटन मिला।
घाटे का प्रश्न
राजकोषीय घाटा — सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर — 2025-26 में GDP का लगभग 4.5% था। 2026-27 का लक्ष्य 4.1% पर रखा गया, जो क्रमिक राजकोषीय समेकन का संकेत देता है।
इसका क्या मतलब है
वेतनभोगी वर्ग के लिए: मामूली कर राहत। विनिर्माण में उद्यमियों के लिए: नए प्रोत्साहन। किसानों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए: रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक समर्थन। समग्र रूप से: नाटकीय बदलाव के बजाय स्थिरता को चुनने वाला बजट।