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परिचय
2025 की शुरुआत भारतीय निवेशकों के लिए कठिन थी। Sensex और Nifty 50 दोनों ने अपने सितंबर 2024 के सर्वकालिक उच्च स्तर से 15-20% तक की गिरावट देखी। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजारों से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला और अमेरिकी बाजारों में निवेश किया।
गिरावट के कारण
कई कारण थे। कंपनियों की आय वृद्धि उम्मीद से कम रही। डॉलर मजबूत हुआ और रुपये में कमजोरी आई। FII ने भारत से पैसा निकालकर चीन और अन्य बाजारों में लगाया। घरेलू मुद्रास्फीति भी ऊंची बनी रही।
वापसी की कहानी
2025 की दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे संभले। RBI ने दरें घटाईं, कंपनियों की आय में सुधार आया और FII वापस लौटने लगे। साल के अंत तक भारतीय बाजार लगभग वापस अपने पुराने स्तरों पर आ गए।
दीर्घकालिक नजरिया
बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है। 2025 ने एक बार फिर साबित किया कि जो निवेशक घबराहट में बेचते नहीं हैं और लंबे समय तक निवेशित रहते हैं, वे आमतौर पर बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।