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परिचय
अप्रैल 2025 के दूसरे हफ्ते में बाजारों के लिए अविश्वसनीय था। 2 अप्रैल के Liberation Day टैरिफ के बाद बाजार गिर गए। फिर 9 अप्रैल को Trump ने 90-दिन की रुकावट की घोषणा की, और S&P 500 एक दिन में 9 प्रतिशत उछल गया। फिर उसी हफ्ते, जब China पर टैरिफ 125 प्रतिशत तक बढ़ाए गए, बाजार फिर से गिर गए। तीन नाटकीय बदलाव, एक हफ्ते में।
बाजार इतना संवेदनशील क्यों होता है
शेयर बाजार भविष्य की उम्मीदों को दर्शाता है। जब निवेशक सोचते हैं कि कंपनियाँ भविष्य में अच्छा करेंगी, वे शेयर खरीदते हैं। जब वे डरते हैं, वे बेचते हैं। नीतिगत अनिश्चितता, जैसे कि कल कौन से टैरिफ होंगे, यह नहीं जानना, यह बाजारों के लिए सबसे बुरी चीज है। अनिश्चितता निवेशकों को पैसा लगाने से रोकती है।
90-दिन की रुकावट क्यों
Trump प्रशासन ने 90-दिन की रुकावट इसलिए घोषित की क्योंकि कई देश बातचीत के लिए तैयार थे। यह एक संकेत था कि वे चाहते थे कि देश ट्रेड डील के लिए आगे आएँ। लेकिन रुकावट China पर लागू नहीं हुई, इसलिए US-China व्यापार युद्ध और तेज हो गया।
भारतीय बाजारों पर असर
भारतीय शेयर बाजार भी इस हफ्ते अस्थिर रहा। विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की। रुपया कमजोर हुआ। IT और फार्मा कंपनियों के शेयरों में खासी हलचल रही क्योंकि ये कंपनियाँ अमेरिका में बड़ा काम करती हैं।
अंतिम विचार
यह हफ्ता बाजार की एक मूलभूत सच्चाई दिखाता है: बाजार अनिश्चितता से नफरत करता है। नीतिगत बदलावों के बारे में यह जानना कि क्या होने वाला है, निवेशकों को योजना बनाने देता है। जब नियम हर दिन बदलते हैं, तो कोई भी कुछ नहीं जानता। यह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि निवेश में धैर्य और स्थिरता कितनी जरूरी है।