वह कर्ज जो सोना नहीं दे सका

“सोना ही पैसा है। बाकी सब उधार है।” — जे.पी. मॉर्गन

2024 में, बैंक ऑफ बड़ौदा के ऑडिटर्स ने पाया कि कई शाखाओं में बिना वास्तविक सोने के गोल्ड लोन दिए जा रहे थे। इसके बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक देशव्यापी जांच की, जिसने छह लाख करोड़ रुपये के उद्योग की खामियां उजागर कीं।
पैसा और बाज़ार
Author

सात्विक रामन

Published

October 13, 2024